खुली टट्टी इन्टरनेट पर हगने वालो के नाम !

खुली टट्टी इन्टरनेट पर हगने वालो के नाम !

खुली चिठ्ठी तो सब लिखते है पर जो लोग इन्टरनेट पर सिर्फ हगते है उनके लिए खुली टट्टी शब्द सही रहेगा, यूँ तो मैं कोई पत्रकार नहीं हूँ और न ही मुझे लिखने का कुछ ज्ञान है, पर फिर भी आजकल इन्टरनेट पर चल रही मारा मारी को देख के कुछ लिखने का दिल कर गया या कहिये हगने का दिल कर गया..

इन्टरनेट सब इस्तेमाल कर रहे है और करना भी चाहिए ये लोगो को एक दुसरे से जोड़ता है चाहे वो दो आतंकवादी हो या फिर समाज सेवी. इन्टरनेट का इस्तेमाल करके लोग अपनी बातें खुल के कह पाते है और कुछ ऐसी बातें भी कह जाते है जो की गोपनीय होनी चाहिए, सही है की इन्टरनेट काम की चीज़ है पर हर काम की चीज़ को काम में लेने की एक सीमा होती है..

पिछले महीने जसलीन कौर वाले कांड के बाद लगा की पूरी दुनिया ही पगला गयी है किसी को कुछ नहीं पता फिर भी सब अपने अपने तरीके से मामले के बारे में इन्टरनेट पर हग रहे थे, गलती चाहे जिसकी भी हो सच तो किसी को नहीं पता, इन्टरनेट पर हगने वाले बस दुनिया के मौज मेले के साथ चलने की खातिर शेयर्स पेले पड़े थे..

आज कल नयी websites आई हैं कुछ जैसे scoopwhoop और इसके जैसी कई, ये कुछ भी पेलती रहती है कंटेंट के नाम पर और अंधे लोग बस अपनी राय बनाने लगते है किसी एक मुद्दे पर.. कंटेंट के नाम पर websites का हगना आजकल आम हो गया है और अब तो इसमें सभी न्यूज़ चैनल्स और अखबार वाले भी कूद गए है..

क्या सही है क्या गलत इसका फैसला ज़रूर हमे करना चाहिए पर कुछ अंधे भक्त आजकल भक्ति में इतने लीन है की उन्हें आने वाले कल के बारे में भी समझ नहीं आ रहा, इन्टरनेट पर किसी एक पार्टी या समुदाय या कोई भी एक ग्रुप का पक्ष लेने से आपको कुछ नहीं मिलेगा.. उनके लिए हगना बंद कीजिये!

हालाँकि हग तो हम भी रहे है यहाँ पर हम कोई बड़े न्यूज़ चैनल में पत्रकार नहीं है, हमारे हगने से किसी को लाभ हानि नहीं होगी और होती भी है तो हमे क्या.. हगने पर अभी बैन नहीं लगा है..

~ निशांत श्रीवास्तव

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